कभी कभी हम कुछ छोटी छोटी बातों से ही बहुत परेशान से हो जाया करते है ऐसा होना हमारे अपने पर से खोते नियंत्रण को दिखाता है या इन परिस्थितियों मे भी कहीं कहीं दिखाये वो चाहे हुए धेर्य को । क्योंकि ये धेर्य मुझे अपने उन सभी जीवन …
कभी कभी हम कुछ छोटी छोटी बातों से ही बहुत परेशान से हो जाया करते है ऐसा होना हमारे अपने पर से खोते नियंत्रण को दिखाता है या इन परिस्थितियों मे भी कहीं कहीं दिखाये वो चाहे हुए धेर्य को । क्योंकि ये धेर्य मुझे अपने उन सभी जीवन …
दो कप चाय, जरूरी नही दिखावट और सुनने में अल्फाज दो के है तो यहां कोई महफिल ही होगी । कई दफा इंतजामात कुछ के करके जिया थोड़े मे ही जाता है। ये थोड़ा असल में उस कुछ के इतमिनानो से कहीं ज्यादा होता है , पी करके कुछ एक प्यास मिटेगी …
कोई एक न हो तो सबसे कहो इंसान न सही रब से कहो पर कहां से शुरू करू कबसे कहूं ये बात जेहन में है उस रात से गर कहूं। परेशान मन है बैचेन ये धड़कने भी मुश्किल है हर पल लम्हों की अटकलें भी दिन की गुजर बसर है पर रात की कोई खबर नहीं…
इन कोरे कागजों को किससे भरू लिखूं इसमें प्रेम अपना या लिखूं अपना हृदय घात लिखूं इसमें उद्वेग अपना या लिखूं अपना जीवन स्वाद। कुछ पंक्तियों की आहटो से मन को मै कुछ पल विचलित करू विचारों के गहरे भवर में डूब जाने से अब न डरूं। ग…
ये चांद और इसकी चांदनी जितनी खूबसूरत है उतनी ही खुद से खुद पे ही मोहित चाहती है चांद रात को हम निहारे सारी रात इसे जागे बैठे हुए उस खुले आसमां के नीचे से । बातें करे इससे समझ की वो ही हमारा अजीज है और वो ही हमारा हमदम। और नह…